Gurugram News: फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत, रहेजा डेवलपर्स के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया शुरू
एनसीएलटी ने अपनी सुनवाई में पाया कि बिल्डर ने घर खरीदारों से ली गई राशि को वित्तीय ऋण (financial debt) की श्रेणी में रखकर कब्जा देने में तय समय सीमा का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है।

Gurugram News: राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने घर खरीदारों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। यह आदेश सोहना के सेक्टर-14 स्थित रहेजा कृष्णा सोसाइटी के 130 फ्लैट आवंटियों द्वारा दायर की गई एक याचिका के बाद आया है, जिन्होंने 10 साल से अधिक समय से अपने फ्लैट के कब्जे का इंतजार किया है।
वर्ष 2014 में किफायती आवास नीति के तहत रहेजा डिवेलपर्स ने इस परियोजना के लिए लाइसेंस प्राप्त किया था। आवंटियों का आरोप है कि कंपनी को चार साल के भीतर निर्माण पूरा करके फ्लैट सौंपने थे। 10 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिला है, जबकि वे फ्लैट की कुल कीमत का करीब 90 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। इस भारी देरी से निराश होकर आवंटियों ने एनसीएलटी का रुख किया।
एनसीएलटी ने अपनी सुनवाई में पाया कि बिल्डर ने घर खरीदारों से ली गई राशि को वित्तीय ऋण (financial debt) की श्रेणी में रखकर कब्जा देने में तय समय सीमा का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है। एनसीएलटी ने कहा कि याचिका में शामिल खरीदारों की संख्या और दावे इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा सात के तहत निर्धारित सीमा को पूरा करते हैं, इसलिए यह मामला सुनवाई योग्य है।
याचिका को स्वीकार करते हुए, न्यायाधिकरण ने कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू करने का आदेश दिया। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बृजेश सिंह भदौरिया को अंतरिम समाधान प्रोफेशनल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, कंपनी पर ‘मोराटोरियम’ (कानूनी रोक) भी लागू कर दी गई है, जिसके तहत कंपनी के खिलाफ कोई नया मुकदमा, वसूली या संपत्ति की जब्ती नहीं हो सकेगी।

एनसीएलटी का यह निर्णय उन घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से विभिन्न सरकारी विभागों जैसे नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) के अलावा सीएम विंडो तक में शिकायतें दर्ज करा चुके थे, लेकिन उन्हें कहीं से भी कोई राहत नहीं मिली थी। याचिकाकर्ताओं में से एक, शशिकांत ने कहा कि 11 साल से हम फ्लैट के लिए भटक रहे थे। एनसीएलटी के इस आदेश के बाद हमें न्याय की उम्मीद जगी है।











